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    बाल वाटिका

    
    
    

    केवीएस में बालवाटिका

    बालवाटिका, NEP 2020 के तहत केंद्रीय विद्यालयों में शुरू किया गया एक शुरुआती तैयारी का प्रोग्राम है। यह मुख्य रूप से उन बच्चों के लिए है जो कक्षा 1 में जाने वाले हैं या जाने की उम्र के करीब हैं। इसमें किताबों पर आधारित पारंपरिक पढ़ाई के बजाय खेल-कूद, गतिविधियों और बच्चे पर केंद्रित सीखने के तरीकों पर ज़ोर दिया जाता है।

    उद्देश्य: घर या प्री-स्कूल से औपचारिक स्कूल की पढ़ाई में आसानी से बदलाव लाना। उम्र: आम तौर पर 3-6 साल, जो NEP 2020 के तहत 'फाउंडेशनल स्टेज' (शुरुआती चरण) के अनुरूप है।

    सीखने का तरीका: खेल, कहानियाँ, कविताएँ, संगीत, कला, बातचीत और खुद करके सीखने वाली गतिविधियाँ।

    पाँच क्षेत्र: NEP के 'फाउंडेशनल स्टेज' फ्रेमवर्क में इन पर ज़ोर दिया गया है:
    1. शारीरिक विकास
    2. मानसिक विकास
    3. सामाजिक-भावनात्मक और नैतिक विकास
    4. भाषा और साक्षरता का विकास
    5. सौंदर्य और सांस्कृतिक विकास

    इसमें अनुभव से सीखने और बुनियादी क्षमताओं के विकास पर ज़ोर दिया जाता है, न कि समय से पहले पढ़ाई के दबाव पर। भाषा: समझने में आसानी के लिए जहाँ तक हो सके बच्चे की घर की भाषा/मातृभाषा/स्थानीय भाषा का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। स्कूल के लिए तैयारी: बालवाटिका बातचीत करने की क्षमता, सामाजिक व्यवहार, मोटर स्किल्स (शारीरिक गतिविधियों से जुड़ी क्षमता), जिज्ञासा, आत्मविश्वास और शुरुआती साक्षरता/गिनती-पहाड़े सीखने में मदद करती है। आकलन: पारंपरिक परीक्षाओं के बजाय बच्चे के विकास को देखना और समझना ज़्यादा सही तरीका है। “बालवाटिका, NEP 2020 में परिकल्पित 'फाउंडेशनल स्टेज' का एक अहम हिस्सा है। KVS में इसका मकसद औपचारिक स्कूल की पढ़ाई में बदलाव को मज़ेदार, तनाव-मुक्त और बच्चे के विकास के हिसाब से सही बनाना है।”